बदरवास में प्रशासन का कड़ा एक्शन: प्रशासनिक अधिकारी को गोली मारने की धमकी देने वाले माफिया के अवैध मकान पर चला बुलडोजर, भेजा जेल, अवैध रेत और मिट्टी जप्त की कार्यवाही- Badarwas


हरीश भार्गव, सर्वेश राजपूत बदरवास -  मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के बदरवास थाना क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां कानून को ठेंगे पर रखने वाले दबंगों और खनन माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। शासकीय कार्य में बाधा डालने और बदरवास तहसीलदार को खुलेआम जान से मारने व गोली मारने की धमकी देने वाले आरोपी के अवैध निर्माण पर प्रशासन का पीला पंजा (बुलडोजर) पूरी ताकत से गरजा है।
क्या है पूरा मामला? दस्तावेजों के अनुसार, बदरवास तहसील के ग्राम सड़बूड में सिंध नदी के किनारे शासकीय भूमि पर बड़े पैमाने पर अवैध मिट्टी और रेत के उत्खनन की शिकायत मिली थी। सूचना मिलते ही गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे बदरवास तहसीलदार सचिन भार्गव अपनी राजस्व टीम (जिसमें पटवारी बृजेंद्र, प्रभाकर मरैया, जितेंद्र दांगी और कोटवार बलवीर केवट, पवन वाल्मीकि शामिल थे) के साथ मौके पर कार्रवाई करने पहुंचे थे। वहां माफियाओं द्वारा एक हाइड्रा और दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की मदद से अवैध रूप से मिट्टी और रेत निकाली जा रही थी। नदी किनारे करीब 15-15 फीट गहरे गड्ढे कर दिए गए थे।

माफिया ने दी थी तहसीलदार को खुली धमकी

जब राजस्व टीम ने वाहनों को जब्त करने का प्रयास किया, तो मौके पर मौजूद दबंग जयमंडल यादव, उसके पिता लाखन यादवऔर बेटे विकुल यादवने टीम का उग्र विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान जयमंडल यादव ने तहसीलदार सचिन भार्गव से अभद्रता करते हुए लाइव वीडियो में खुलेआम धमकी दी

सर, मान जाइए... नहीं तो मैं गोली मार दूंगा और जेल चला जाऊंगा

इतना ही नहीं, आरोपी ने अपने बेटे विकुल यादव को आवाज लगाते हुए कहा कि ,,घर से बंदूक ले आ, आज इन सबको निपटाऊंगा।"इस हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया था। इसके बाद कोटवार सुनील कुमार प्रजापति की शिकायत पर बदरवास पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया था।

प्रशासन का तगड़ा प्रहार: जमींदोज हुआ अवैध मकान

तहसीलदार को धमकी देने और शासकीय कार्य को रोकने के इस दुस्साहस के बाद, शिवपुरी जिला प्रशासन और पुलिस विभाग तुरंत हरकत में आ गया। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के पालन में, पुलिस और राजस्व की संयुक्त टीम भारी पुलिस बल के साथ आरोपी के ठिकाने पर पहुंची।

बुलडोजर की कार्रवाई आरोपी द्वारा अवैध जगह (शासकीय भूमि) पर कब्जा करके बनाए गए पक्के मकान और अवैध निर्माण को जेसीबी और बुलडोजर मशीनों की मदद से पूरी तरह से ढहा दिया गया। रेत और अवैध मिट्टी जब्त मौके पर अवैध रूप से उत्खनन कर भंडारण की गई रेत और मिट्टी को भी प्रशासन ने अपने कब्जे में लेकर जब्त कर लिया है। इसके अलावा मिट्टी से भरी एक स्वराज ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी पहले ही बदरवास थाने के सुपुर्द कर दिया गया था।

 
बदरवास थाना प्रभारी नवीन यादव के अनुसार आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले और शासकीय अधिकारियों को डराने-धमकाने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा अवैध माफियाओं के खिलाफ शासन प्रशासन की कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी - थाना प्रभारी बदरवास यादव 

अवैध उत्खनन पर जिला प्रशासन की बड़ी कार्यवाही, तीन आरोपी गिरफ्तार

 कलेक्टर वर्मा के निर्देश पर संयुक्त अमले ने की त्वरित कार्यवाही

शिवपुरी जिले में शासकीय भूमि और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई कर रहा है कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देश पर बदरवास तहसील के ग्राम सडबूढ़ स्थित सिंध नदी घाट पर अवैध मिट्टी उत्खनन और शासकीय भूमि पर किए जा रहे अवैध निर्माण के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही की गई।

तहसीलदार श्री सचिन भार्गव द्वारा अवैध उत्खनन रोकने के दौरान कुछ लोगों द्वारा शासकीय कार्य में बाधा डालने और धमकी देने की घटना को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया तत्काल पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई और राजस्व, पुलिस एवं खनिज विभाग के संयुक्त अमले ने मौके पर पहुंचकर कार्यवाही की।

कार्यवाही के दौरान तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया अवैध उत्खनन की जांच कर प्रकरण तैयार किया गया तथा नदी घाट तक बनाए गए अवैध रास्ते को नष्ट कर दिया गया आरोपियों के कब्जे से बरामद हथियार को जब्त कर उसका लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ की गई।

जिला प्रशासन ने शासकीय भूमि पर बिना अनुमति किए जा रहे अवैध निर्माण को तत्काल प्रभाव से रुकवाते हुए उसे जमींदोज कराया साथ ही स्पष्ट किया गया कि शासकीय भूमि पर अतिक्रमण, अवैध उत्खनन एवं शासकीय कार्य में बाधा डालने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

कलेक्टर अर्पित वर्मा ने कहा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना तथा शासकीय भूमि को अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों से मुक्त रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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