गुना - म्याना कस्बे में एक मकान से तीन सड़ी-गली लाशें मिलने से फैली सनसनी के बीच पुलिस ने आखिरकार इस बहुचर्चित ट्रिपल मर्डर केस की गुत्थी सुलझा ली है। कई दिनों तक रहस्य बने रहे इस मामले में पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। तीनों हत्याओं के पीछे अवैध संबंधों को लेकर उपजा विवाद और जमीन का मामला सामने आया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि मृत महिला का बेटा ही इस वारदात का मुख्य सूत्रधार निकला।
मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने बताया कि शुरुआती तौर पर तीन सड़ी-गली लाशों के मिलने से जांच काफी चुनौतीपूर्ण हो गई थी। घटनास्थल से मिले सीमित साक्ष्यों के बावजूद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, साइबर तकनीक और फोरेंसिक जांच का सहारा लिया। इसके लिए अलग-अलग टीमें गठित की गईं और हर पहलू पर गहन पड़ताल की गई।
जांच में सामने आया कि मृतका विंदा बाई जाटव के पुत्र सीताराम को अपनी मां और म्याना निवासी ओमप्रकाश शर्मा के बीच कथित संबंधों को लेकर लंबे समय से आपत्ति थी। इसके अलावा कुछ जमीन से जुड़े विवाद भी दोनों पक्षों के बीच तनाव का कारण बने हुए थे। पुलिस के अनुसार 18 जून को ओमप्रकाश शर्मा, विंदा बाई और रामकिशन एक साथ बैठे हुए थे तथा शराब पी रहे थे। इसी दौरान सीताराम ने अपने मौसेरे भाई सुरेंद्र और एक अन्य साथी के साथ मिलकर तीनों की हत्या की साजिश को अंजाम दिया।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने तीनों का गला दबाकर हत्या कर दी और शवों को मकान के अलग-अलग कमरों में छोड़कर फरार हो गए। बदबू फैलने के बाद मामला उजागर हुआ और एक के बाद एक तीन शव बरामद हुए। शुरुआत में शवों की पहचान को लेकर भी बड़ा भ्रम पैदा हो गया था। एक शव का अंतिम संस्कार गलत पहचान के आधार पर कर दिया गया, जिसके बाद परिजनों और प्रशासन के बीच विवाद की स्थिति बन गई। बाद में दोबारा सत्यापन के दौरान मृतकों की सही पहचान सुनिश्चित की गई।
पुलिस ने मुख्य आरोपी सीताराम और उसके मौसेरे भाई सुरेंद्र की भूमिका उजागर कर दी है। वहीं वारदात में शामिल तीसरे आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस का दावा है कि तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ ली गई हैं। म्याना में सामने आए इस ट्रिपल मर्डर ने पूरे जिले को झकझोर दिया था, लेकिन अब पुलिस के खुलासे के बाद हत्या के पीछे की वजह भी साफ हो गई है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
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