भगवान प्रगट होते हैं गर्भ से जन्म नहीं लेते - बृजभूषण महाराज - Kolaras



मध्‍यप्रदेश के शिवपुरी जिले के कोलारस क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम अनंतपुर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर श्री कृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर आचार्य श्री बृजभूषण जी महाराज ने बताया कि भगवान श्री कृष्ण एवं भगवान श्री राम हमेशा प्रगट होते हैं भगवान कभी भी मनुष्यों के समान जन्म  लेते नहीं हैं इसलिए हम लोग गाते हैं ,,भये प्रगट कृपाला दीन दयाला कौशल्या हितकारी ,,भगवान भक्तों के दुखों को दूर करने के लिए ,पापियों का संघार करने के लिए ब्राह्मणों की रक्षा करने के लिए, गौ माता की रक्षा करने के लिए, संतों की रक्षा करने के लिए अवतार लेते हैं, एवं धर्म की स्थापना करने के बाद एवं धर्म को जन-जन में पहुंचाने के बाद वह अपने धाम के लिए जाते हैं जब-जब धर्म की हानि होती है भगवान नाना रूपों में आकर के धर्म की स्थापना करते है एवं दुष्टों का नाश करते हैं।

आचार्य जी ने कथा के प्रसंग में बताया कि भगवान वसुदेव देवकी के यहां पर जन्म लिया जेल में भगवान प्रगट हुए और भगवान ने वसुदेव जी से कहा कि आप जाकर के मेरे लिए नंदबाबा के यहां छोड़कर आ जाए भगवान की बातों को स्वीकृत करके वसुदेव जी गए एवं भगवान को गोकुल में छोड़कर के वहां से जो कन्या यशोदा मां के गर्भ से प्रकट हुई थी उसको लाकर के अपने पास रख लिया यह लीला एक अलौकिक लीला थी महाराज जी ने कथा के प्रसंग में सुंदर श्री राम कथा का वर्णन सुनाया , माँ गंगा की पावन कथा का वर्णन सुनाया ,राजा बलि का पावन चरित्र भी महाराज जी ने सुनाया, और कहा कि राजा बलि भगवान के परम भक्त थे उन्होंने वचन को पूरा करने के लिए अपने आप को भी दान कर दिया आजकल मनुष्य अपना वचन हर समय तोड़ते रहते हैं हमको शास्त्रों से  सीखना चाहिए की वचन का एवं अपनी वाणी का कितना बड़ा महत्व बताया गया हैं इस कथा का आयोजन 3 जून से 10 जून तक किया जा रहा है जिसके आयोजक घसीटाराम प्रजापति एवं  समस्त परिवारजन हैं।

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