जनता के 'विशाल' रक्षक को नम आंखों से दी विदाई, जाते-जाते संवार गए सिद्धेश्वर धाम का कायाकल्‍प - Kolaras



सर्वेश राजपूत कोलारस - कोलारस क्षेत्र की पुलिस चौकी लुकवासा के प्रधान आरक्षक विशाल सिंह परिहार का दिनारा स्थानांतरण, विदाई समारोह में उमड़ा जनसैलाब चौकी परिसर के नजदीक में बने ऐतिहासिक शिव-हनुमान मंदिर और दो सिद्ध संतों की समाधि स्थल का जनसहयोग से कराया कायाकल्प।


लुकवासा पुलिस की वर्दी के पीछे छुपा एक संवेदनशील इंसान और जनसेवक जब किसी क्षेत्र से विदा लेता है, तो जनता की आंखें खुद-ब-खुद नम हो जाती हैं ऐसा ही कुछ नजारा लुकवासा चौकी परिसर में आयोजित विदाई समारोह में देखने को मिला लुकवासा चौकी में पदस्थ प्रधान आरक्षक विशाल सिंह परिहार का स्थानांतरण दिनारा होने पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, व्यापारियों, पत्रकारों और आमजन ने पुष्पगुच्छ एवं मालाएं पहनाकर उन्हें भावभीनी विदाई दी। वक्ताओं ने कहा कि विशाल परिहार ने अपने कार्यकाल के दौरान अनुशासन, निष्पक्ष कार्यशैली और बेहतरीन जनसंपर्क से हर नागरिक का दिल जीता। उन्होंने न केवल कानून व्यवस्था को मजबूत किया, बल्कि पीड़ितों की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुनकर पुलिस और जनता के बीच के अंतर को पाट दिया। यही कारण है कि उनकी विदाई पर लोग भावुक नजर आए।


आस्था के केंद्र 'सिद्धेश्वर धाम' को दिया नया जीवन


विशाल परिहार केवल कानून के रक्षक ही नहीं, बल्कि संस्कृति और आस्था के संवाहक भी बने लुकवासा चौकी के समीप स्थित हनुमान जी, शिव परिवार और दो सिद्ध महापुरुषों की समाधि स्थल वाला यह पावन क्षेत्र कभी लोगों की अगाध आस्था का केंद्र हुआ करता था। लेकिन, लंबे समय से देख-रेख के अभाव में यह स्थान बिल्कुल जीर्ण-शीर्ण और खंडहरनुमा हो चुका था।

संकल्प से बदला स्वरूप वर्तमान चौकी प्रभारी बैजनाथ मिश्रा और प्रधान आरक्षक विशाल परिहार ने इस पवित्र स्थान की दुर्दशा देख इसे पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया दोनों जांबाज पुलिसकर्मियों ने क्षेत्रवासियों और नगर के सहयोग से चंदा राशि एकत्रित की देखते ही देखते, सबका साथ मिला और आज यह स्थान अपने पुराने वैभव की तरह एक भव्य और दिव्य नव-निर्माण स्वरूप ले चुका है जाते-जाते इस देवस्थान को आम नागरिकों की आस्था से जोड़ना क्षेत्र के लिए एक बड़ी सौगात है।

चौकी प्रभारी का वर्जन

विशाल परिहार जैसे कर्तव्यनिष्ठ और सेवाभावी साथी का जाना टीम के लिए एक कमी की तरह है। कानून व्यवस्था को संभालने के साथ-साथ हमारी यह दिली इच्छा थी कि चौकी परिसर के पास स्थित इस प्राचीन और सिद्ध देवस्थान का जीर्णोद्धार हो विशाल ने इसमें अपनी पूरी ऊर्जा लगाई और क्षेत्र की जनता के सहयोग से आज यह खंडहरनुमा स्थान एक भव्य धाम बन चुका है मैं उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ" बैजनाथ मिश्रा, चौकी प्रभारी, लुकवासा, अपनत्व देखकर भरे आए आंसू विदाई समारोह के लुकवासा क्षेत्र से मिले अगाध प्रेम और सम्मान से अभिभूत होकर विशाल सिंह परिहार ने सभी का आभार व्यक्त किया। 

उन्होंने कहा कि यहाँ के नागरिकों का अपनापन हमेशा याद रहेगा विदाई के इन भावुक क्षणों में सम्मान, कृतज्ञता और शुभकामनाओं का ऐसा माहौल था, जो लंबे समय तक क्षेत्र के इतिहास में याद रखा जाएगा उपस्थित जनसमुदाय ने उनके सफल एवं सुरक्षित भविष्य की मंगलकामना की।

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