सिलेंडर विस्फोट से हुआ बडा हादसा, गुड़र गांंव का वो खौफनाक सवेरा मासूम की मौत, मलबे में तब्दील हुआ हंसता-खेलता आशियाना - Shivpuri







सर्वेश राजपूत शिवपुरी - बुधवार की सुबह आमतौर पर शिवपुरी के खनियाधाना थाना क्षेत्र के गुड़र गांव में बेहद शांत और सामान्य थी सुबह के करीब साढ़े आठ बज रहे थे, घरों से चूल्हे का धुआं और नाश्ते की सोंधी खुशबू आने लगी थी प्राण सिंह प्रजापति के घर में भी उनकी पत्नी रोशनी एलपीजी गैस चूल्हे पर परिवार के लिए सुबह का नाश्ता तैयार कर रही थीं पास ही पलंग पर उनकी चार साल की मासूम बेटी जाह्नवी गहरी नींद में सो रही थी जबकि उनका डेढ़ साल का बेटा शिवा और पड़ोस का एक बच्चा अंकेश भी पास ही खेल रहे थे किसी को इस बात का जरा भी इल्म नहीं था कि अगले ही चंद सेकंड में यह सामान्य सी सुबह एक कभी न भूलने वाले खौफनाक मंजर में बदलने वाली है अचानक एक ऐसा गगनभेदी धमाका हुआ जिसने पूरे गांव की धरती को हिलाकर रख दिया। धमाका इतना तीव्र था कि प्राण सिंह के पक्के मकान की छत और दीवारें ताश के पत्तों की तरह भर-भराकर ढह गईं विस्फोट के तुरंत बाद पूरा घर मलबे के ढेर और आग की कई फीट ऊंची डरावनी लपटों के आगोश में समा गया चीख-पुकार के बीच पूरा गांव उस मलबे की तरफ दौड़ा।


मलबे में थमीं सांसें, देवदूत बने ग्रामीण और रेस्क्यू ऑपरेशन धमाके की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घर के बाहर बैठे बुजुर्ग फूल सिंह प्रजापति अपनों को बचाने के लिए बिना अपनी जान की परवाह किए जलते हुए मकान के अंदर कूद गए, जिसके कारण वे खुद भी इस भीषण आग की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए स्थानीय ग्रामीणों ने असाधारण सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत मलबे को हटाने और आग बुझाने का काम शुरू किया और स्थानीय पुलिस व फायर ब्रिगेड को सूचित किया सूचना मिलते ही खनियाधाना पुलिस और दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं भारी मशक्कत के बाद जब आग पर काबू पाया गया, तब प्रशासन ने जेसीबी मशीनों को काम पर लगाया घंटों चले इस दर्दनाक रेस्क्यू ऑपरेशन के अंत में जो खबर सामने आई, उसने हर किसी का दिल दहला दिया मलबे के भारी पत्थरों के नीचे दबी हुई मासूम जाह्नवी की लाश मिली उसकी सांसें उस मलबे के नीचे ही दम तोड़ चुकी थीं। प्रत्यक्षदर्शी की जुबानी धमाका इतना तेज था कि हमें लगा जैसे कोई शक्तिशाली भूकंप आया हो। जब हम दौड़कर मौके पर पहुंचे तो वहां सिर्फ धुआं, आग और मलबे का ढेर था रोने-चीखने की आवाजें आ रही थीं लेकिन आग इतनी तेज थी कि अंदर जाना नामुमकिन लग रहा था। हादसा या लापरवाही? जांच के घेरे में सुलगते सवाल इस दर्दनाक हादसे ने पीछे कई गंभीर और सुलगते हुए सवाल छोड़ दिए हैं शुरुआती जांच में इस तबाही के पीछे दो अलग-अलग थ्योरी सामने आ रही हैं, जिसने पुलिस और प्रशासनिक तंत्र को उलझा दिया है। पहली आशंका यह जताई जा रही है कि घर में रखे रसोई गैस सिलेंडर में लीकेज के बाद यह ब्लास्ट हुआ ग्रामीण सूत्रों का कहना है कि घर में कुल तीन सिलेंडर मौजूद थे वहीं दूसरी और सबसे गंभीर थ्योरी यह सामने आ रही है कि गृहस्वामी प्राण सिंह गांव में एक किराना दुकान चलाते थे और उसकी आड़ में घर पर खुलेआम पेट्रोल-डीजल बेचने का अवैध कारोबार भी करते थे आशंका जताई जा रही है कि घर के भीतर भारी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थ (ईंधन) का स्टॉक रखा हुआ था, जिसने रसोई की आग को पल भर में बारूद की तरह भड़का दिया मलबा हटाते समय एक सिलेंडर का न मिलना इस शक को और गहरा करता है। मासूम की मौत 4 वर्षीय जाह्नवी प्रजापति की मलबे में दबने से दर्दनाक मौत 85% तक झुलसे परिवार के 4 अन्य सदस्य जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। उच्च स्तरीय टीम शिवपुरी कलेक्टर अर्पित वर्मा, एसपी यांगचेन डोलकर भूटिया और विधायक प्रीतम लोधी ने खुद संभाला मोर्चा मेडिकल बुलेटिन घायलों की नाजुक स्थिति शिवपुरी मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. आशुतोष चौरसिया के अनुसार, झुलसे हुए चारों लोगों की स्थिति अत्यंत गंभीर है। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर लाइफ-सपोर्ट के साथ ग्वालियर रेफर किया गया है: अंकेश (उम्र 10 वर्ष)85% तक झुलसा (हालत बेहद नाजुक) प्राण सिंह प्रजापति 70% तक झुलसे शिव प्रजापति (उम्र 1.5 वर्ष) 60% तक झुलसा रोशनी प्रजापति 50% तक झुलसी




शिवपुरी जिले के खनियाधाना विकासखंड के ग्राम गूडर में आज सुबह एक घर में रसोई गैस सिलेंडर में अचानक आग लग गई घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और जनप्रतिनिधि तुरंत हरकत में आए पिछोर विधायक प्रीतम लोधी, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अर्पित वर्मा तथा पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया तत्काल मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

कलेक्टर वर्मा ने संवेदनशीलता दिखाते हुए घटनास्थल पर पहुंचने से पहले ही घायलों को त्वरित इलाज दिलाने के लिए उन्हें शिवपुरी मेडिकल कॉलेज भेजने के निर्देश जारी कर दिए थे।

इस दुखद हादसे में कुल 5 लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें से एक 4 वर्षीय बालिका की मौत हो गई वहीं, अन्य 4 घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद तुरंत मेडिकल कॉलेज शिवपुरी पहुंचाया गया घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर और उच्च स्तरीय इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया है जिला प्रशासन लगातार डॉक्टरों के संपर्क में है और घायलों के समुचित उपचार व हर संभव सहायता की खुद निगरानी कर रहा है।

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