समान नागरिक संहिता (UCC) पर जन परामर्श एवं सुझाव बैठक संपन्न - Shivpuri

 


शिवपुरी - समान नागरिक संहिता (UCC) के संबंध में जन परामर्श हेतु  आज शासकीय श्रीमंत माधवराव सिंधिया स्नातकोत्तर महाविद्यालय, शिवपुरी में बैठक आयोजित की गई। मध्य प्रदेश शासन द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति की सदस्य डॉ. शोभा पैठणकर द्वारा बैठक में  समान नागरिक संहिता के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की उन्होंने इसके संभावित स्वरूप, अन्य राज्यों के अनुभव, सामाजिक समरसता और नागरिक अधिकारों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपना पक्ष रखा।


जनभागीदारी एवं पोर्टल की जानकारी

समिति सदस्य डॉ. शोभा पैठणकर ने कहा कि 'अनेकता में एकता' भारत की पहचान है और किसी भी बड़े नीतिगत परिवर्तन के लिए जनसहयोग अनिवार्य है उन्होंने बताया कि समिति प्रदेश के सभी जिलों में जाकर नागरिकों से संवाद कर रही है प्राप्त सुझावों के आधार पर ही अंतिम प्रस्ताव तैयार किया जाएगा उन्होंने नागरिकों को सूचित किया कि वे अपने महत्वपूर्ण सुझाव आधिकारिक पोर्टल ucc.mp.gov.in पर ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं।


कानूनों में सुधार पर चर्चा

बैठक के दौरान विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, लिव-इन रिलेशनशिप जैसे विषयों पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि परंपरागत रूप से हमारे देश में भिन्न धर्म समुदायों के लिए विभिन्न प्रकार के कानून लागू हैं। डॉ. पैठणकर ने कहा कि संविधान में निहित समानता के अधिकार को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सरकार यूसीसी लागू करने पर विचार कर रही है। इस प्रक्रिया में आम नागरिकों के सुझावों को प्रमुखता दी जाए। इसका उद्देश्य सभी के लिए एक सामान कानून तैयार करना है। और सभी के हितों की रक्षा करना है।


जन प्रतिनिधियों एवं प्रबुद्धजनों की जानी राय

इस अवसर पर बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों एवं अन्य प्रबुद्धजनों ने भी समान नागरिक संहिता के विषय पर अपने महत्वपूर्ण विचार साझा किए। वक्ताओं ने इस कानून की आवश्यकता और समाज पर इसके सकारात्मक प्रभाव पर चर्चा करते हुए इसके क्रियान्वयन में अपना सहयोग देने की बात कही।


विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस: वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों पर जोर

'विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस' 15 जून के अवसर पर डॉ. शोभा पैठणकर ने समाज में बुजुर्गों के सम्मान और सुरक्षा का आह्वान किया। उन्होंने 'माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक अधिनियम, 2007' का उल्लेख करते हुए स्मरण दिलाया कि बुजुर्गों का भरण-पोषण करना कानूनी रूप से अनिवार्य है। उन्होंने बल देकर कहा कि यदि कोई बुजुर्ग उपेक्षा का शिकार होता है, तो उन्हें शिकायत दर्ज कराने का पूर्ण अधिकार है और ऐसे प्रकरणों में त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि उन्हें सम्मानजनक जीवन मिल सके।


बैठक में नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती गायत्री शर्मा, सीईओ जिला पंचायत विजय राज, सांसद प्रतिनिधि मनीष अग्रवाल तथा अन्य जनप्रतिनिधिगण, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, शांति समिति के सदस्यगण, महिला एवं बाल विकाश से जुड़े गणमान्य व्यक्ति, प्रध्यापक, कानूनविद, धर्मगुरु एवं अन्य प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

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