धाकड़ ने आत्महत्या के लिए अमन गोयल तीन महिलाएं सहित एक अन्य पर लगाए आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप - Badarwas

बदरवास - विगत दिनों एक व्यापारी की फार्म फेल होने की खबर चर्चा का विषय बनी हुई थी जिसको लेकर बदरवास पुलिस थाने पर पीड़ित लोगों ने शिकायत भी दर्ज कराई थी जिसके दुष्परिणाम भी आना शुरू हो गए है बता दे कि शिवपुरी जिले के कोलारस परगना क्षेत्र के बदरवास कस्बे में एक मुनीम ने जहर खाने से पहले अपने सुसाइड नोट में यह दर्द लिखा उसने अपनी आर्थिक तंगी और 15 लाख रुपए वापस नहीं मिलने से परेशान मुनीम ने सोमवार देर शाम जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया गंभीर हालत में उसे पहले बदरवास स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल शिवपुरी रेफर किया गया फिलहाल उसका इलाज जारी है सुसाइड नोट में उसने गल्ला व्यापारी समेत पांच लोगों को अपनी इस हालत के लिए जिम्मेदार ठहराया है वहीं पुलिस ने नोट के आधार पर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

सुसाइड नोट में बयां किया अपना दर्द जहर खाने से पहले लिखे गए सुसाइड नोट में पुरूषोत्तम धाकड़ ने लिखा कि जिन लोगों को उसने भरोसे के साथ 15 लाख रुपए उधार दिए थे, उन्होंने न तो रकम लौटाई और न ही ब्याज दिया। उसने लिखा कि आरोपियों ने बदरवास छोड़ दिया है और अब उसका फोन तक नहीं उठाते उसने शासन, प्रशासन और न्यायपालिका से अपील की कि पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे उसके पैसे वापस लेकर उसकी पत्नी के खाते में जमा कराए जाएं।

बदरवास आकर मुनीम का काम करने लगे थे आरोपियों को उनकी फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) की जानकारी थी इसी के बाद उन्होंने उधार मांगा और तय समय में रकम लौटाने का भरोसा दिया उन्होंने अपनी एफडी पर बैंक से लोन लेकर कुल 15 लाख रुपए दिए।

13.50 लाख ऑनलाइन, डेढ़ लाख नकद दिए

सुसाइड नोट के मुताबिक 12 फरवरी 2026 को उन्होंने
अपने बैंक खाते से 13 लाख 50 हजार रुपए ऑनलाइन
ट्रांसफर किए, जबकि 1 लाख 50 हजार रुपए नकद
दिए कुल 15 लाख रुपए 10 अप्रैल तक लौटाने का
वादा किया गया था, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी न रकम मिली और न ब्याज।

पैसे नहीं लौटाए, बदरवास छोड़कर भाग गए

पुरूषोत्तम का आरोप है कि तय समय के बाद जब
उन्होंने पैसे मांगे तो लगातार टालमटोल की गई। बाद
में अमन गोयल और उसके परिवार के लोग बदरवास
छोड़कर चले गए। इसके बाद उन्होंने फोन उठाना भी
बंद कर दिया। सुसाइड नोट में लिखा है कि उनका पैसे
लौटाने का कभी इरादा ही नहीं था।

पांच लोगों को ठहराया जिम्मेदार
सुसाइड नोट में पुरूषोत्तम धाकड़ ने अमन गोयल,
केदारी गोयल, सुन्नीबाई गोयल, कुसुम गोयल और
आयुषी उर्फ मुस्कान गोयल को इस पूरे मामले के लिए
जिम्मेदार बताया है। उनका कहना है कि इन्हीं लोगों की
वजह से वह आर्थिक और मानसिक रूप से टूट गए।
बैंक लोन और गिरवी खेत ने बढ़ाई मुश्किल पुरूषोत्तम ने लिखा कि उनका मकान बैंक लोन पर है और खेत भी गिरवी रखा हुआ है। 15 लाख रुपए वापस नहीं मिलने से वह भारी कर्ज में डूब गए। लगातार बढ़ते आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव के कारण उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने सुसाइड नोट
अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट, बैंक लेन-देन और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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