कलेक्टर के निर्देश पर बड़ी कार्यवाही, ग्रामीणों के घरों और खेतों को नुकसान पहुँचाने वाले 2 क्रेशर सील
सीएम हेल्पलाईन एवं जनसुनवाई में मिली शिकायत पर प्रशासन का त्वरित एक्शन
ग्राम अटलपुर तथा ग्राम थरखेडा में खदानों में अनियमितता मिलने पर काम बंद कराया गया
शिवपुरी - कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है इसके लिए वन, राजस्व, पुलिस, परिवहन विभाग के समन्वय से जिला स्तर पर गठित जिला टास्क फोर्स के साथ विभिन्न क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर रही है टीम द्वारा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
गत दिवस जनसुनवाई में ग्राम अटलपुर के ग्रामीणों द्वारा खदान क्षेत्र में की जा रही ब्लास्टिंग से कच्चे मकानों में दरारें आने तथा खेतों में पत्थर गिरने की शिकायत दर्ज कराई गई थी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने तत्काल जांच के निर्देश दिए निर्देशानुसार अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कोलारस, तहसीलदार बदरवास, खनिज अधिकारी एवं खनिज निरीक्षक की संयुक्त टीम ने ग्राम अटलपुर पहुंचकर वहां संचालित खनिज पत्थर/गिट्टी उत्खनन पट्टों एवं क्रेशर इकाइयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में ग्राम अटलपुर के सर्वे क्रमांक 734/9/1 रकवा 2.00 हैक्टेयर क्षेत्र पर श्रीमती शशि द्विवेदी पत्नि श्री अरूण द्विवेदी निवासी बलवंत नगर रोड ग्वालियर के पक्ष में स्वीकृत क्रेशर आधारित खनिज पत्थर/गिट्टी उत्खनिपट्टा अवधि 1 दिसम्बर 2017 से 30 नवम्बर 2027 तक एवं ग्राम अटलपुर के सर्वे नम्बर 746/11 रकवा 2.00 है. क्षेत्र पर श्री गणेश धाकड पुत्र श्री कल्याण सिंह धाकड निवासी ग्राम खैराई तहसील कोलारस के पक्ष मे स्वीकृत क्रेशर आधारित खनिज पत्थर/गिट्टी उत्खनिपट्टा अवधि 28 अक्टूबर 2017 से 27 अक्टूबर 2027 तक के लिये स्वीकृत होकर संचालित पाई गई। निरीक्षण के दौरान शिकायत में बताए गए तथ्यों का मौके पर सत्यापन किया गया। कलेक्टर के द्वारा घटना की संवेदनशीलता एवं जनमानस की सुरक्षा और उनकी प्रशासन से की जा रही अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए त्वरित कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया। निर्देशानुसार अधिकारियों द्वारा खदान क्षेत्र मे की गई ब्लास्टिंग से हुए खेतों के नुकसान का निरीक्षण किया गया तथा खनन संक्रियाओं के दौरान की गई इस गम्भीर अनियमित्ता एवं स्थानीय ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों के समक्ष ही तत्काल प्रभाव से खनन संक्रियाएँ तथा क्रेशर संचालन प्रतिबंधित किया गया। पट्टेधारी के क्रेशर संचालन पर रोक लगाते हुए क्रेशर को तत्काल शील किया गया।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि पट्टेधारी द्वारा अनुमोदित खनन योजना के अनुसार खनन संक्रिया नहीं की जा रही है जो म.प्र. गौण खनिज नियम 1996 के नियम 30 (5) का उल्लंघन है तथा खदान क्षेत्र में उत्खनन कार्य 06 मीटर से अधिक गहराई तक किया जाना पाया गया है जो म.प्र. गौण खनिज नियम 1996 के नियम 30 (24) का उल्लंघन है। उपरोक्तानुसार शर्तों के उल्लंघन पाये जाने के फलस्वरूप खनन संक्रियाऐं बंद करते हुए क्रेशर शील किया गया एवं ईटीपी बंद की जाकर पट्टेधारी के विरूद्ध म.प्र. गौण खनिज नियम 1996 के नियम 30 (26) एवं 30 (27) के प्रावधानों के तहत कार्यवाही प्रस्तावति करते हुए नियमानुसार कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर जबाव तलब किया गया है।
इसी प्रकार कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार नायव तहसीलदार तहसील नरवर, खनिज अधिकारी शिवपुरी एवं खनि निरीक्षक शिवपुरी द्वारा गतदिवस शिवपुरी जिले की नरवर तहसील अन्तर्गत ग्राम थरखेडा के सर्वे क्रमांक 1408, 1406, 1330 रकवा 1.06 हैक्टेयर क्षेत्र पर कृष्णाआश्रय माईन्स एण्ड मिनरलर्स कम्पनी का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान संबंधित कंपनी के नाम एम सैण्ड खनिज की खनिज व्यापारी अनुज्ञप्ति स्वीकृत है जिस पर क्रेशर प्लांट संचालित होना पाया गया। शिकायतकर्ता द्वारा क्रेशर संचालन एवं खनिज परिवहन करने वाले वाहनों से धूल उडने से ग्रामीणों को परेशानी होना बताया गया। जिसके संबंध में कलेक्टर के द्वारा संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया।
निर्देशानुसार संयुक्त दल द्वारा मौका स्थल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान संचालित क्रेशर के समीप वाहन डम्पर एम सैण्ड खनिज का परिवहन करते हुए पाया गया, वैधानिक दस्तावेज प्रस्तुत नही किये जाने से अवैध परिवहन पाये जाने के फलस्वरूप वाहन को पुलिस चौकी अमोलपठा की शासकीय अभिरक्षा में खडा कराया गया। क्रेशर प्लांट के संचालन मे म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की शर्तों का सम्यक पालन नही किया जाना पाया गया। इस प्रकार सीमावर्ती कृषकों की फसलो एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों के समक्ष ही तत्काल प्रभाव से क्रेशर संचालन प्रतिबंधित किया गया, क्रेशर संचालन पर रोक लगाते हुए क्रेशर को तत्काल शील किया गया तथा क्रेशर संचालक के विरूद्व म.प्र. गौण खनिज नियम 1996 के नियम 30 (26) एवं 30 (27) के प्रावधानों के तहत कार्यवाही प्रस्तावति करते हुए नियमानुसार कारण बताओं सूचना पत्र जारी कर जबाव तलब किया गया है।

