शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता व्यावहारिक और उचित नहीं :- अवस्थी - Badarwas


बदरवास - वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त सेवारत शिक्षकों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता शिक्षकों के सम्मान और हित में कतई न्यायसंगत नहीं है इसलिए सरकार को इस मुद्दे पर तत्काल पुनर्विचार कर इसे रद्द करना चाहिए तथा तमिलनाडु की तरह विधानसभा से विशेष प्रस्ताव पास कर केंद्र सरकार को भेजना चाहिए। यह बात प्रांतीय शिक्षक संघ के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष गोविन्द अवस्थी ने अपने बयान में कही।

अवस्थी ने कहा वर्ष 2010 के पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी लागू न की जाए क्योंकि तत्समय नियुक्ति के समय ये शिक्षक शासन द्वारा निर्धारित योग्यता धारित करते थे तभी उनकी नियुक्ति हो पाई थी। जो शिक्षक दस से पंद्रह वर्षों से विद्यालयों में पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अध्यापन कर रहे हैं, उन पर दोबारा पात्रता साबित करने के लिए परीक्षा थोपना व्यावहारिक और न्यायसंगत नहीं है।शिक्षक निर्धारित शैक्षणिक योग्यता एवं चयन प्रक्रिया के आधार पर नियुक्त हुए हैं और लंबे समय से विद्यार्थियों को शिक्षित करने का दायित्व निभा रहे हैं। 

वर्षों का अध्यापन अनुभव उनकी कार्यकुशलता और क्षमता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। ऐसे में सेवारत शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता के दायरे में लाने से उनमें अनावश्यक असुरक्षा और मानसिक दबाव की स्थिति पैदा हो रही है। शिक्षक की योग्यता केवल परीक्षा के अंक से तय नहीं होती बल्कि कक्षा में उसका वर्षों का अनुभव, विषय पर अधिकार, विद्यार्थियों को समझने की क्षमता और बेहतर परिणाम देने का अनुभव भी उसकी दक्षता के महत्वपूर्ण आधार हैं।

गोविन्द अवस्थी ने कहा कि वर्तमान में शिक्षक अध्यापन के साथ विभागीय और गैर शैक्षणिक दायित्व भी निभा रहे हैं। ऐसे में एक और परीक्षा की अनिवार्यता से उनका समय और ऊर्जा प्रभावित होगी साथ ही वो मानसिक दवाब महसूस कर रहे हैं।

उन्होंने शासन से अनुरोध किया कि नई नियुक्तियों के लिए पात्रता मानक निर्धारित करना अलग विषय है, लेकिन वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के अनुभव और सेवाकाल को अलग दृष्टि से देखा जाए।सरकार शिक्षक संगठनों से संवाद कर ऐसा समाधान निकाले, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता भी बनी रहे और सेवारत शिक्षकों के सम्मान एवं सेवा हितों की भी रक्षा हो।उन्होंने कहा कि प्रदेश का शिक्षक समाज शासन से सकारात्मक एवं न्यायपूर्ण निर्णय की अपेक्षा करता है।

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